अमर उजाला काव्य डेस्क, नई दिल्ली
मोहब्बत एक ख़ुशबू है हमेशा साथ चलती है
कोई इंसान तन्हाई में भी तन्हा नहीं रहता
- बशीर बद्र
किसी सबब से अगर बोलता नहीं हूँ मैं
तो यूँ नहीं कि तुझे सोचता नहीं हूँ मैं
- इफ़्तिख़ार मुग़ल
प्यार का पहला ख़त लिखने में वक़्त तो लगता है
नए परिंदों को उड़ने में वक़्त तो लगता ह
- हस्तीमल हस्ती
मोहब्बत ही में मिलते हैं शिकायत के मज़े पैहम
मोहब्बत जितनी बढ़ती है शिकायत होती जाती है
- शकील बदायूंनी
Urdu Poetry: वक़्त आने दे दिखा देंगे तुझे ऐ आसमाँ