अमर उजाला काव्य डेस्क, नई दिल्ली
आहट सी कोई आए तो लगता है कि तुम हो
साया कोई लहराए तो लगता है कि तुम हो
- जाँ निसार अख़्तर
कीजे इज़हार-ए-मोहब्बत चाहे जो अंजाम हो
ज़िंदगी में ज़िंदगी जैसा कोई तो काम हो
- प्रियंवदा इल्हान
इस डूबते सूरज से तो उम्मीद ही क्या थी
हँस हँस के सितारों ने भी दिल तोड़ दिया है
- महेश चंद्र नक़्श
क्या क्या फ़रेब दिल को दिए इज़्तिराब में
उन की तरफ़ से आप लिखे ख़त जवाब में
- दाग़ देहलवी
Urdu Poetry: तकलीफ़ मिट गई मगर एहसास रह गया