अमर उजाला काव्य डेस्क, नई दिल्ली
इश्क़ है तो इश्क़ का इज़हार होना चाहिए
आप को चेहरे से भी बीमार होना चाहिए
- मुनव्वर राना
हम ग़म-ज़दा हैं लाएँ कहाँ से ख़ुशी के गीत
देंगे वही जो पाएँगे इस ज़िंदगी से हम
- साहिर लुधियानवी
ये शाइ'री ये किताबें ये आयतें दिल की
निशानियाँ ये सभी तुझ पे वारना होंगी
- मोहसिन नक़वी
जैसे उस का कभी ये घर ही न था
दिल में बरसों ख़ुशी नहीं आती
- जलील मानिकपुरी
रात तो वक़्त की पाबंद है ढल जाएगी
देखना ये है चराग़ों का सफ़र कितना है
- वसीम बरेलवी
गुज़रे जो अपने यारों की सोहबत में चार दिन
ऐसा लगा बसर हुए जन्नत में चार दिन
- ए जी जोश
Urdu Poetry: बस मोहब्बत बस मोहब्बत बस मोहब्बत जान-ए-मन