Urdu Poetry: देखे हैं बहुत हम ने हंगामे मोहब्बत के

अमर उजाला काव्य डेस्क, नई दिल्ली

Image Credit :

देखे हैं बहुत हम ने हंगामे मोहब्बत के
आग़ाज़ भी रुस्वाई अंजाम भी रुस्वाई
- सूफ़ी ग़ुलाम मुस्ताफ़ा तबस्सुम

Image Credit :

इश्क़ को एक उम्र चाहिए और
उम्र का कोई ए'तिबार नहीं
- जिगर बरेलवी 

Image Credit :

वो सितम न ढाए तो क्या करे उसे क्या ख़बर कि वफ़ा है क्या?
तू उसी को प्यार करे है क्यूँ ये 'कलीम' तुझ को हुआ है क्या?
- कलीम आजिज़

Image Credit :

तिरे वादे पर जिए हम तो ये जान झूट जाना
कि ख़ुशी से मर न जाते अगर ए'तिबार होता
- मिर्ज़ा ग़ालिब

Image Credit :

Urdu Poetry: वो आ रहे हैं वो आते हैं आ रहे होंगे

Read Now