Urdu Poetry: होश उड़ जाते हैं अब भी तिरी आवाज़ के साथ

अमर उजाला काव्य डेस्क, नई दिल्ली 

Image Credit :

सब्र पर दिल को तो आमादा किया है लेकिन
होश उड़ जाते हैं अब भी तिरी आवाज़ के साथ
- आसी उल्दनी

Image Credit :

लय में डूबी हुई मस्ती भरी आवाज़ के साथ
छेड़ दे कोई ग़ज़ल इक नए अंदाज़ के साथ
- अज्ञात 

Image Credit :

परेशानी अगर है तो परेशानी का हल भी है
परेशाँ-हाल रहने से परेशानी नहीं जाती
- अबरार अहमद काशिफ़  

Image Credit :

नज़रों से नापता है समुंदर की वुसअतें
साहिल पे इक शख़्स अकेला खड़ा हुआ
- मोहम्मद अल्वी 

Image Credit :

Urdu Poetry: अजीब दर्द का रिश्ता है सारी दुनिया में

Read Now