अमर उजाला काव्य डेस्क, नई दिल्ली
इश्क़ है तो इश्क़ का इज़हार होना चाहिए
आप को चेहरे से भी बीमार होना चाहिए
- मुनव्वर राना
न जाने कौन सी मंज़िल पे इश्क़ आ पहुँचा
दुआ भी काम न आए कोई दवा न लगे
- अज़ीज़ुर्रहमान शहीद फ़तेहपुरी
ज़िंदगी यूँ भी गुज़र ही जाती
क्यूँ तिरा राहगुज़र याद आया
- मिर्ज़ा ग़ालिब
अदू को छोड़ दो फिर जान भी माँगो तो हाज़िर है
तुम ऐसा कर नहीं सकते तो ऐसा हो नहीं सकता
- मुज़्तर ख़ैराबादी
Urdu Poetry: मुद्दतें गुज़रीं मुलाक़ात हुई थी तुम से