अमर उजाला काव्य डेस्क, नई दिल्ली
बुरा बुरे के अलावा भला भी होता है
हर आदमी में कोई दूसरा भी होता है
- अनवर शऊर
क़ब्रों में नहीं हम को किताबों में उतारो
हम लोग मोहब्बत की कहानी में मरें हैं
- एजाज़ तवक्कल
यहाँ किसी को भी कुछ हस्ब-ए-आरज़ू न मिला
किसी को हम न मिले और हम को तू न मिला
- ज़फ़र इक़बाल
एक चराग़ और एक किताब और एक उम्मीद असासा
उस के बा'द तो जो कुछ है वो सब अफ़्साना है
- इफ़्तिख़ार आरिफ़
Urdu Poetry: आसमाँ एक सुलगता हुआ सहरा है जहाँ