अमर उजाला काव्य डेस्क, नई दिल्ली
मैं तो ग़ज़ल सुना के अकेला खड़ा रहा
सब अपने अपने चाहने वालों में खो गए
- कृष्ण बिहारी नूर
ये मोहब्बत की कहानी नहीं मरती लेकिन
लोग किरदार निभाते हुए मर जाते हैं
- अब्बास ताबिश
चलो कहीं पे तअल्लुक़ की कोई शक्ल तो हो
किसी के दिल में किसी की कमी ग़नीमत है
- आफ़ताब हुसैन
तुम अभी शहर में क्या नए आए हो
रुक गए राह में हादसा देख कर
- बशीर बद्र
Urdu Shayari: मशहूर शायरों के चुनिंदा शेर