Children's Day: बच्चों के लिए कहे गए शेर
बच्चों के छोटे हाथों को चाँद सितारे छूने दो
चार किताबें पढ़ कर ये भी हम जैसे हो जाएँगे
- निदा फ़ाज़ली
जितनी बुरी कही जाती है उतनी बुरी नहीं है दुनिया
बच्चों के स्कूल में शायद तुम से मिली नहीं है दुनिया
- निदा फ़ाज़ली
एक हाथी एक राजा एक रानी के बग़ैर
नींद बच्चों को नहीं आती कहानी के बग़ैर
- मक़सूद बस्तवी
तितलियाँ पकड़ने में दूर तक निकल जाना
कितना अच्छा लगता है फूल जैसे बच्चों पर
- परवीन शाकिर
Urdu Poetry: बदले हुए से लगते हैं अब मौसमों के रंग