Urdu Poetry: ऐसी गर्मी है कि पीले फूल काले पड़ गए

अमर उजाला काव्य डेस्क, नई दिल्ली 

Image Credit :

शहर क्या देखें कि हर मंज़र में जाले पड़ गए
ऐसी गर्मी है कि पीले फूल काले पड़ गए
- राहत इंदौरी 

Image Credit :

बरस रही थी बारिश बाहर
और वो भीग रहा था मुझ में 
- नज़ीर क़ैसर 

Image Credit :

तुम कहाँ वस्ल कहाँ वस्ल की उम्मीद कहाँ
दिल के बहकाने को इक बात बना रखी है
- आग़ा शाएर क़ज़लबाश 

Image Credit :

शर्त सलीक़ा है हर इक अम्र में
ऐब भी करने को हुनर चाहिए
- मीर तक़ी मीर 

Image Credit :

Urdu Shayari: दिल-ए-नादाँ तुझे हुआ क्या है, आख़िर इस दर्द की दवा क्या है

Read Now