अमर उजाला काव्य डेस्क, नई दिल्ली
आँख से आँख मिलाना तो सुख़न मत करना
टोक देने से कहानी का मज़ा जाता है
- मोहसिन असरार
न वो सूरत दिखाते हैं न मिलते हैं गले आ कर
न आँखें शाद होतीं हैं न दिल मसरूर होता है
- लाला माधव राम जौहर
आहट सी कोई आए तो लगता है कि तुम हो
साया कोई लहराए तो लगता है कि तुम हो
- जाँ निसार अख़्तर
मेरी रुस्वाई के अस्बाब हैं मेरे अंदर
आदमी हूँ सो बहुत ख़्वाब हैं मेरे अंदर
- असअ'द बदायूंनी
Urdu Poetry: कभी जो ख़्वाब था वो पा लिया है