अमर उजाला काव्य डेस्क, नई दिल्ली
तेरा मिलना ख़ुशी की बात सही
तुझ से मिल कर उदास रहता हूँ
- साहिर लुधियानवी
ख़ुदा की इतनी बड़ी काएनात में मैं ने
बस एक शख़्स को माँगा मुझे वही न मिला
- बशीर बद्र
थोड़ी सी अक़्ल लाए थे हम भी मगर 'अदम'
दुनिया के हादसात ने दीवाना कर दिया
- अब्दुल हमीद अदम
देखो दुनिया है दिल है
अपनी अपनी मंज़िल है
- महबूब ख़िज़ां
Urdu Poetry: फूल खिले हैं गुलशन गुलशन