अमर उजाला काव्य डेस्क, नई दिल्ली
होश वालों को ख़बर क्या बे-ख़ुदी क्या चीज़ है
इश्क़ कीजे फिर समझिए ज़िंदगी क्या चीज़ है
- निदा फ़ाज़ली
प्यार का पहला ख़त लिखने में वक़्त तो लगता है
नए परिंदों को उड़ने में वक़्त तो लगता है
- हस्तीमल हस्ती
कोई फ़रियाद तिरे दिल में दबी हो जैसे
तू ने आँखों से कोई बात कही हो जैसे
- फ़ैज़ अनवर
तेरे आने की जब ख़बर महके
तेरी ख़ुशबू से सारा घर महके
- नवाज़ देवबंदी
Urdu Poetry: आदतन तुम ने कर दिए वादे, आदतन हम ने ए'तिबार किया