अमर उजाला काव्य डेस्क, नई दिल्ली
होश वालों को ख़बर क्या बे-ख़ुदी क्या चीज़ है
इश्क़ कीजे फिर समझिए ज़िंदगी क्या चीज़ है
- निदा फ़ाज़ली
गिला भी तुझ से बहुत है मगर मोहब्बत भी
वो बात अपनी जगह है ये बात अपनी जगह
- बासिर सुल्तान काज़मी
आज देखा है तुझ को देर के बअ'द
आज का दिन गुज़र न जाए कहीं
- नासिर काज़मी
ख़ुशी के फूल खिले थे तुम्हारे साथ कभी
फिर इस के ब'अद न आया बहार का मौसम
- सलाम संदेलवी
Urdu Poetry: तुझे पाने की कोशिश में कुछ इतना खो चुका हूँ मैं