Urdu Poetry: शारिक़ कैफ़ी के चुनिंदा शेर
पता था मुझ को मुलाक़ात ग़ैर-मुमकिन है
सो तेरा ध्यान किया और गुलाब चूम लिया
एक मुद्दत हुई घर से निकले हुए
अपने माहौल में ख़ुद को देखे हुए
रात थी जब तुम्हारा शहर आया
फिर भी खिड़की तो मैं ने खोल ही ली
Kaifi Azmi: कैफ़ी आज़मी के मशहूर शेर