Ramayan: रामानंद सागर की 'रामायण' के प्रसिद्ध संवाद
राम यदि नर है तो वो आज मेरे हाथों मारा जाएगा और यदि भगवान है रावण का वध करने में उसकी जितनी ख़्याति होगी, उतनी ही ख़्याति युग-युगांतर तक रावण की भी होगी।
महाराज रावण! ये अंतिम चेतावनी है नहीं तो मरने के लिए तैयार रहो। मैं स्वयं भी तुम्हें मृत्युदंड देने की शक्ति रखता हूं परंतु मुझे श्रीराम की आज्ञा नहीं है।
जब शक्ति भ्रष्ट हो जाए और उसके देवता कलंकित को शक्ति में बल नहीं रहता।
हमारे यहां युद्ध का भी धर्म होता है। हम शस्त्रहीन और निहत्थे शत्रु पर कभी वार नहीं करते।
सीता को हर लाए? साक्षात जगदम्बा को हर लाए। ऐसी दुर्बुद्धि उनके मन में कैसे उत्पन्न हुई?
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