Urdu Poetry: 'इश्क़' पर चुनिंदा शेर

Urdu Poetry: 'इश्क़' पर चुनिंदा शेर 

Image Credit :

होश वालों को ख़बर क्या बे-ख़ुदी क्या चीज़ है
इश्क़ कीजे फिर समझिए ज़िंदगी क्या चीज़ है
- निदा फ़ाज़ली 

Image Credit :

इश्क़ नाज़ुक-मिज़ाज है बेहद
अक़्ल का बोझ उठा नहीं सकता
- अकबर इलाहाबादी  

Image Credit :

राह-ए-दूर-ए-इश्क़ में रोता है क्या
आगे आगे देखिए होता है क्या
- मीर तक़ी मीर 

Image Credit :

इश्क़ से तबीअत ने ज़ीस्त का मज़ा पाया
दर्द की दवा पाई दर्द-ए-बे-दवा पाया
- मिर्ज़ा ग़ालिब  

Image Credit :

इश्क़ जब तक न कर चुके रुस्वा
आदमी काम का नहीं होता
- जिगर मुरादाबादी  

Image Credit :

Urdu Poetry: इमारत पर कहे शायरों के अल्फ़ाज़

Read Now