Kaifi Azmi: कैफ़ी आज़मी के मशहूर शेर
जो इक ख़ुदा नहीं मिलता तो इतना मातम क्यूँ
यहाँ तो कोई मिरा हम-ज़बाँ नहीं मिलता
की है कोई हसीन ख़ता हर ख़ता के साथ
थोड़ा सा प्यार भी मुझे दे दो सज़ा के साथ
रोज़ बस्ते हैं कई शहर नए
रोज़ धरती में समा जाते हैं
मेरा बचपन भी साथ ले आया
गाँव से जब भी आ गया कोई
Ishq Poetry: 'इश्क़' पर कहे चुनिंदा शेर