Urdu Poetry: आम जनता की साथी रेलगाड़ी पर शायरों के अल्फ़ाज़

अमर उजाला काव्य डेस्क

Image Credit :

वक़्त है इक रेल-गाड़ी की तरह
जिस ने रोका उस का रस्ता मर गया
- तौसीफ ताबिश

Image Credit :

तेरी आँखों की बेचैनी मिरी ज़ंजीर थी लेकिन
खड़ी थी रेल-गाड़ी और जाना भी ज़रूरी था
- कमल हातवी

Image Credit :

रेल-गाड़ी के सिगनलों की तरह
चलता रुकता हुआ सफ़र अपना
- जौहर तिम्मापुरी

Image Credit :

किसी को गाँव से परदेस ले जाएगी फिर शायद
उड़ाती रेल-गाड़ी ढेर सारा फिर धुआँ आई
- मुनव्वर राना

Image Credit :

Mirza Ghalib: मिर्ज़ा ग़ालिब के आसान भाषा में शेर

Read Now