अमर उजाला काव्य डेस्क
रात भर बातें करते हैं तारे
रात काटे कोई किधर तन्हा
- गुलज़ार
एक सितारा जल्दी जल्दी डूब गया
मैं ने जब तारे गिनने की कोशिश की
- गुलज़ार
मैं तमाम तारे उठा उठा के ग़रीब लोगों में बाँट दूँ
वो जो एक रात को आसमाँ का निज़ाम दे मिरे हाथ में
- बशीर बद्र
बचपन कितना प्यारा था जब दिल को यक़ीं आ जाता था
मरते हैं तो बन जाते हैं आसमान के तारे लोग
- अज़रा नक़वी
Hindi Quotes: महाकवि रामधारी सिंह दिनकर के चुनिंदा कोट्स