Urdu Poetry: आज के चुनिंदा शेर जो ज़िंदगी के सलीके बताते हैं

अमर उजाला काव्य डेस्क

Image Credit :

बड़े लोगों से मिलने में हमेशा फ़ासला रखना
जहाँ दरिया समुंदर से मिला दरिया नहीं रहता 
- बशीर बद्र 

Image Credit :

उसी को जीने का हक़ है जो इस ज़माने में
इधर का लगता रहे और उधर का हो जाए 
- वसीम बरेलवी 

Image Credit :

ग़म और ख़ुशी में फ़र्क़ न महसूस हो जहाँ
मैं दिल को उस मक़ाम पे लाता चला गया
- साहिर लुधियानवी 

Image Credit :

अपनी मर्ज़ी से कहाँ अपने सफ़र के हम हैं
रुख़ हवाओं का जिधर का है उधर के हम हैं 
- निदा फ़ाज़ली 

Image Credit :

Urdu Poetry: कुदरत के लिए कहे ख़ूबसूरत शेर

Read Now