अमर उजाला काव्य डेस्क
तेरे होते हुए आ जाती थी सारी दुनि
याआज तन्हा हूँ तो कोई नहीं आने वाला
- अहमद फ़राज़
तुम हमारे किसी तरह न हुए
वर्ना दुनिया में क्या नहीं होता
- मोमिन ख़ाँ मोमिन
भरी दुनिया में जी नहीं लगता
जाने किस चीज़ की कमी है अभी
- नासिर काज़मी
बारे दुनिया में रहो ग़म-ज़दा या शाद रहो
ऐसा कुछ कर के चलो याँ कि बहुत याद रहो
- मीर तक़ी मीर
किसी के तुम हो किसी का ख़ुदा है दुनिया में
मिरे नसीब में तुम भी नहीं ख़ुदा भी नहीं
- अख़्तर सईद ख़ान
Urdu Poetry: आज के चुनिंदा शेर