समझिए कैसे बनते हैं टनल इंजीनियर? लाखों में मिलती है सैलरी उत्तराखंड की सिक्यारा टनल हादसे के बाद टनल एक्सपर्ट और टनल इंजीनियर जैसे शब्द काफी चर्चा में हैं टनल इंजीनियरिंग सिविल इंजीनियरिंग का ही एक हिस्सा है, जो जियोटेक्निकल और स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग का एक कॉम्बिनेशन है एक टनल इंजीनियर को मिट्टी और चट्टानों की अच्छी जानकारी होती है टनल इंजीनियर बनने के लिए सिविल इंजीनियरिंग में कम से कम बैचलर डिग्री चाहिए, इसके बाद टनल कंस्ट्रक्शन में स्पेशलाइजेशन चाहिए सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक या एमटेक के बाद टनल बोरिंग की तकनीकों में गहरा नॉलेज हासिल किया जा सकता है ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों में टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटीज टनल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा और सर्टिफिकेशन कोर्स कराती हैं बीटेक/एमटेक के बाद टनल इंजीनियरिंग में सर्टिफिकेशन कोर्स भी किए जा सकते हैं जॉब सर्च वेबसाइट ग्लासडोर के अनुसार भारत में टनल इंजीनियर की एवरेज सैलरी 1,73,615 रुपये प्रति माह है हालांकि, यह पूरी तरह स्किल, नॉलेज और एक्सपीरियंस पर निर्भर करता है .