अमर उजाला
Sat, 7 December 2024
और यहां के निवासी अपनी पारंपरिक दिनचर्या के साथ कमल के डंठल निकालने में व्यस्त हैं।
यह काम दिनभर चलता है, जिसमें लोग बर्फीले पानी में अपने हाथों से डंठल एकत्रित करते हैं।
सर्दी में यह काम न केवल कश्मीर के ग्रामीण जीवन का हिस्सा है, बल्कि इससे आर्थिक रूप से भी लोगों को मदद मिलती है।
कमल के डंठल को बाद में सूखा कर इसे इस्तेमाल किया जाता है, जो एक खास प्रकार का कश्मीरी भोजन है।
आंचार झील यह कश्मीर की सांस्कृतिक धरोहर है।
हो गए हैं 30 वर्ष के तो जरूर शुरू कर दें ये योगासन