भारतीय रेलवे के सभी स्टेशन मास्टरों ने हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। केंद्र सरकार ने अगर जल्द ही कोई उपाय नहीं किया तो 31 मई को देशभर में रेलों का संचालन रुक सकता है।
Image Credit : Pixabay
लगभग 35 हजार स्टेशन मास्टरों ने रेलवे बोर्ड को एक नोटिस सौंपा है। इसमें 31 मई को सामूहिक हड़ताल पर जाने की बात कही गई है। स्टेशन मास्टरों ने यह कदम रेलवे की उदासीनता के चलते उठाया है।
Image Credit : File
ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष धनंजय चंद्रात्रे कहते हैं कि देश में इस समय 6000 से ज्यादा स्टेशन मास्टरों की कमी है। हमारे पास अब सामूहिक अवकाश पर जाने के अलावा और कोई रास्ता नहीं है।
Image Credit : File
चंद्रात्रे का कहना है कि देश में आधे से ज्यादा स्टेशनों पर केवल दो स्टेशन मास्टर हैं। उनकी शिफ्ट आठ घंटे की होती है लेकिन कमी के चलते 12 घंटे काम करना पड़ता है। फिर भी भर्ती नहीं हो रही।
Image Credit : Pixabay
उन्होंने कहा कि हड़ताल का फैसला हमने लंबे संघर्ष के बाद लिया है। हम कई तरीकों से पहले विरोध जता चुके हैं लेकिन रेल प्रशासन ने हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दिया। इसलिए हम यह कदम उठा रहे हैं।
Image Credit : Pixabay
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सबसे पहले रेलवे बोर्ड को एक ईमेल भेजकर अपनी मांगें बताई थीं। इसके बाद 15 अक्तूबर को देशभऱ में स्टेशन मास्टरों ने स्टेशन पर मोमबत्तियां जलाकर प्रदर्शन किया था।
Image Credit : Pixabay
इसके बाद 20 अक्तूबर से 26 अक्तूबर तक स्टेशन मास्टरों ने काला बैज लगाकर काम किया था। इसके बाद भी जब उनकी मांग नहीं मानी गई तो 31 अक्तूबर को वह एक दिवसीय भूख हड़ताल पर भी रहे थे।