Surrogacy Regulation Act 2021: किराए की कोख अब गैरकानूनी? राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किराये की कोख या सरोगेसी (विनियमन) अधिनियम 2021 को मंजूरी दे दी है। इस कानून में सरोगेसी को वैधानिक मान्यता देने और इसके व्यवसायीकरण को गैरकानूनी बनाने का प्रावधान है। नए कानून के जरिए केवल मातृत्व प्राप्त करने के लिए सरोगेसी की अनुमति मिलेगी। सरोगेट मां को गर्भ की अवधि के दौरान चिकित्सा खर्च और बीमा कवरेज के अलावा कोई और वित्तीय मुआवजा नहीं मिलेगा। कानून के प्रावधान के मुताबिक 23 से 50 साल उम्र की महिलाएं सरोगेसी का रास्ता चुन सकती हैं। सरोगेट मां बनने के लिए महिला को विवाहित होना चाहिए। इस कानून के जरिये बच्चे पैदा करके उसे बेचने, वेश्यावृति कराने और किसी अन्य प्रकार के शोषण पर रोक लगेगी। news