अमर उजाला
Sat, 8 October 2022
झारखंड में लड़कियों का बाल विवाह का प्रतिशत सबसे अधिक है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की नवीनतम जनसांख्यिकीय नमूना सर्वेक्षण में इसका खुलासा हुआ है।
गृह मंत्रालय के महापंजीयक और जनगणना आयुक्तालय के सर्वेक्षण के मुताबिक झारखंड में लड़कियों के बालिग होने से पहले उनका विवाह करने का प्रतिशत 5.8 है।
सर्वेक्षण के मुताबिक, राष्ट्रीय स्तर पर 18 साल की उम्र से पहले विवाह करने वाली लड़कियों का प्रतिशत 1.9 है।
केरल में यह आंकड़ा 0 है। झारखंड में यह 5.8 फीसदी तक है। झारखंड के ग्रामीण इलाकों में 7.3 और शहरी क्षेत्रों में तीन प्रतिशत लड़कियों का बाल विवाह हुआ है।
रिपोर्ट में लगभग 84 लाख लोगों ने हिस्सा लिया है। सर्वेक्षण 2020 में किया गया था। आंकड़े पिछले महीने के अंत में प्रकाशित किए गए थे।
झारखंड और पश्चिम बंगाल देश के दो ऐसे राज्य हैं जहां आधी से ज्यादा महिलाओं की शादी 21 साल की उम्र से पहले कर दी जाती है।
पश्चिम बंगाल में जहां 54.9% लड़कियों की विवाह 21 साल की उम्र से पहले किया जाता है। झारखंड में यह आंकड़ा 54.6 फीसदी है। राष्ट्रीय औसत 29.5% है।
एनसीआरबी के अनुसार 2015 में झारखंड में जादू टोना करने के आरोप में 32 लोग, 2016 में 27, 2017 में 19, 2018 में 18 और 2019 और 2020 में 15-15 लोगों की मौत हुई थी।
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