अमर उजाला
Thu, 10 March 2022
शिक्षिका की ट्रेनिंग के बाद सावित्रीबाई फुले ने पुणे के महारवाड़ा में लड़कियों को पढ़ाना शुरू किया
सावित्रीबाई और उनके दत्तक पुत्र यशवंत ने 1897 में नालासोपारा के आसपास के क्षेत्र में बुबोनिक प्लेग महामारी से प्रभावित लोगों के इलाज के लिए एक क्लिनिक खोला
1910 के दशक में सावित्रीबाई और ज्योतिराव फुले ने दो शैक्षिक ट्रस्टों की स्थापना की
10 मार्च 1897 को रात 9:00 बजे सावित्रीबाई फुले की भी प्लेग से मौत हो गई थी
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