अमर उजाला
Thu, 3 February 2022
मंदिर को हैदराबाद से सटे शमशाबाद में बनाया गया
रामानुजाचार्य स्वामी के जन्म को 1000 साल पूरे हो चुके हैं
रामानुजाचार्य स्वामी भगवान आदिश के अवतार माने जाते हैं
उनकी याद में ‘स्टैचू ऑफ इक्वैलिटी’ बनाई गई है
5 फरवरी को पीएम नरेंद्र मोदी के हाथों प्रतिमा का उद्घाटन कार्यक्रम है
ये दुनियां की दूसरी सबसे ऊँची प्रतिमा है, जिसकी लंबाई 216 फीट है
इस मंदिर को बनाने में 1000 करोड़ रुपये से अधिक लगे हैं
प्रतिमा को बनाने के लिए 1800 टन से अधिक पंच लोहा का इस्तेमाल किया गया है
पाकिस्तान की इस रहस्यमयी घाटी में रहने वाले रहते हैं 150 साल तक जिंदा