10 पॉइंट में समझें नवाब मलिक केस डी-कंपनी से मिलीभगत और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों का सामना कर रहे राकांपा नेता नवाब मलिक को बड़ा झटका लगा है। विशेष न्यायालय ने नवाब मलिक के खिलाफ मामले की सुनवाई करते हुए प्रवर्तन निदेशालय की ओर से पेश आरोप पत्र का संज्ञान लिया। कोर्ट ने माना कि नवाब मलिक जानबूझकर और सीधे तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग जैसे अपराध में संलिप्त थे। विशेष अदालत ने मलिक और 1993 बम धमाकों के दोषी और सजायाफ्ता सरदार शाहवली खान के खिलाफ कार्रवाई आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। ईडी ने अपनी अपनी चार्टशीट में नवाब मलिक और सरदार शाहवली खान को आरोपी बनाया है। संपत्ति की सारी कार्रवाई सरदार खान के माध्यम से ही हुई थी। इससे पहले एनआईए ने फरवरी में एक मामला दर्ज किया था। मामला दाऊद से जुड़े हवाला और ड्रग्स के कारोबार के संबंध में दर्ज किया गया था। इसी केस के आधार पर ईडी ने नवाब मलिक पर दाऊद से जुड़े लोगों से जमीन का सौदा करने का आरोप लगाया था। एनआईए ने 9 मई को भगोड़े अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद के करीबियों के मुंबई स्थित करीब 29 ठिकानों पर छापे मारे थे। एनसीपी प्रवक्ता नवाब मलिक को इस मामले में ईडी ने 23 फरवरी को गिरफ्तार किया था। फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में आर्थर रोड जेल में बंद हैं।