अमर उजाला
Mon, 7 March 2022
2014-15 में एक व्हिस्लब्लोअर ने बाजार नियामक सेबी के पास लिखित शिकायत की थी
इसमें कहा गया था कि NSE के कुछ अधिकारी को-लोकेशन के जरिए चुनिंदा ब्रोकरों को वरीयता देकर उन्हें अनुचित लाभ पहुंचा रहे हैं
इसी के माध्यम से अपने सदस्यों को जानकारी पहुंचाता था
को-ब्रोकरों ने NSE के अधिकारियों और ओम्नीसिस टेक्नोलॉजीज के साथ मिलकर साजिश की और NSE के सर्वर तक पहुंच बनाई
इससे उन्हें शुरुआती लाभ मिला, ओम्नीसिस टेक्नोलॉजीज ही NSE को तकनीक मुहैया करवाने वाली कंपनी है.
सेबी ने अपनी जांच में पाया कि OPG सिक्योरिटीज, GKN सिक्योरिटीज और वे2वेल्थ के साथ-साथ इंटरनेट सेवा प्रदाता संपर्क इंफोटेनमेंट भी अनुचित कार्यों में दोषी है
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