फिलीपींस ने भारत के साथ दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक एंटी शिप क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस की खरीद को मंजूरी दे दी है। ब्रह्मोस मिसाइल का यह पहला विदेशी ऑर्डर है। यह सौदा 37 करोड़ 49 लाख अमेरिकी डॉलर का है।
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ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है, जिसे रूस की मदद से भारत ने बनाया है। यह दुनिया की ताकतवर मिसाइलों में है। जो हवा में ही मार्ग बदल सकती है और चलते-फिरते लक्ष्य को भी भेद सकती है।
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यह सुपरसोनिक मिसाइल 10 मीटर की ऊंचाई पर उड़ान भर सकती है और रडार की पकड में भी नहीं आती है। ब्रह्मोस अमेरिका की टॉम हॉक मिसाइल से लगभग दोगुनी तेजी से वार करने में सक्षम है।
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रूस की एनपीओ मशीनोस्ट्रोयेनिया तथा भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने संयुक्त रूप से इसका विकास किया है। यह रूस की पी-800 ओंकिस क्रूज मिसाइल की प्रौद्योगिकी पर आधारित है।
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4300 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली, 28 फुट लंबी और 3,000 किलो वजनी इस मिसाइल में 200 किलो तक के पारंपरिक और परमाणु हथियार लगाए जा सकते हैं। यह इलेक्ट्रॉनिक काउंटर सिस्टम से भी लैस है।
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ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की खासियत यह है कि इसे धरती, आसमान और जल कहीं से भी इसे दागा जा सकता है। यह अपनी तरह की दुनिया की सबसे तेज गति से दागी जाने वाली मिसाइल है।