अमर उजाला
Fri, 26 November 2021
26 नवंबर 2008 की शाम तक मुंबई हर-रोज की तरह चहलकदमी कर रही थी। हालात पूरी तरह सामान्य थे। लोग मरीन ड्राइव पर रोज की तरह ठंडी हवा का लुत्फ ले रहे थे।
रात 09.30 बजे छत्रपति शिवाजी रेलवे टर्मिनल पर गोलीबारी की खबर मिली। यहां रेलवे स्टेशन के मुख्य हॉल में दो हमलावरों ने अंधाधुंध गोलीबारी की है।
दोनों हमलावरों ने एके47 राइफल से 15 मिनट गोलीबारी कर 52 लोगों को मौत के घाट उतार दिया और 100 से ज्यादा लोगों को घायल कर दिया था।
आतंकियों के निशाने पर अब ताज होटल, ओबेरॉय ट्राइडेंट होटल और नरीमन हाउस शामिल था।
सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच तीन दिनों तक मुठभेड़ चलती रही थी और बंधकों को लेकर उम्मीदें टूटती और जुड़ती रहीं।
29 नवंबर की सुबह तक नौ आतंकियों का सफाया हो चुका था। अजमल कसाब पुलिस की गिरफ्त में था। स्थिति नियंत्रित थी, लेकिन 160 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी थी।
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