उगते और डूबते हुए सूरज का रंग लाल ही क्यों होता है?
अमर उजाला
Sun, 8 October 2023
Image Credit : istock
ब्रिटिश भौतिक के वैज्ञानिक लॉर्ड रेली ने 19वीं सदी में प्रकाश के प्रकीर्णन (Scattering) की घटना के बारे में बताया था
Image Credit : istock
प्रकाश का प्रकीर्णन एक घटना है जिसमें सूर्य का प्रकाश सूरज से निकलकर जब पृथ्वी की ओर आता है...
Image Credit : istock
तो वायुमंडल में मौजूद कणों से टकराकर चारों तरफ बिखर जाता है
Image Credit : istock
सूरज से आने वाला प्रकाश स्पेक्ट्रम के सभी रंगों (बैंगनी, गहरा नीला, नीला, हरा, पीला, नारंगी और लाल) से मिलकर बना है हर रंग की अलग तरंग दैर्ध्य (Wavelength) होती है
Image Credit : istock
जब सूरज डूबता या उगता है इसकी किरणें वातावरण की सबसे ऊपरी परत से एक निश्चित कोण से टकराकर गुजरती हैं
Image Credit : iStock
ऐसे में नीली रंग की तरंग दैर्ध्य बंट जाती है और बिखरने लगती है
Image Credit : iStock
क्योंकि क्षितिज पर सूर्य का ताप कम होता है इसलिए नीले और हरे रंग की तरंगें ज्यादा दूर नहीं जा पाते
Image Credit : iStock
ऐसे में हमें बची हुईं प्रकाश की तरंगें यानी नारंगी और लाल ही दिखाई देती हैं
Image Credit : iStock
विराट कोहली को चुराना चाहते हैं पाकिस्तान के दो खिलाड़ी, जानें कारण