अमर उजाला
Tue, 23 May 2023
दिल्ली में लेडी श्रीराम कॉलेज से बीए किया। 2019 में यूपीएससी की तैयारी शुरू की थी। उनका बचपन से ही सपना था कि आईएएस बने। मां नीलम ने उसे प्रेरित किया। मां ने उसे कभी भी घर के काम के लिए नहीं कहा।
कनिका ने कहा कि उसका प्रयास रहता था कि अपने कांस्सेप्ट क्लीयर करके चलें। लगातार पढ़तीं, जब दिमाग पढ़ाई में नहीं लगता तो कुछ अलग पढ़ना शुरू कर देती, कुछ देर टीवी देख लिया। जब माइंड फिर सेट हो जाता था तो पढ़ाई शुरू कर देती थी।
बतौर आईएएस प्राथमिकताओं में कनिका ने कहा कि इस समय अमृतकाल चल रहा है। उनका प्रयास रहेगा कि सरकार ने अमृतकाल में जो लक्ष्य निर्धारित किए हैं, 2047 तक उन लक्ष्यों को हासिल किया जाए।
जवान बेटे की लाश लिए रात भर श्मशान के बाहर बैठी रही मुफलिसी से लाचार मां