अमर उजाला
Sun, 8 June 2025
टीवी एड में आपने अक्सर देखा होगा कि कैसे क्रीम के इस्तेमाल से रंग गोरा हो जाता है
अगर आपको भी ऐसा लगता है तो हम आपको इस बात से जुड़ी सच्चाई बताएंगे
स्किन व्हाइटनिंग क्रीमों में हाइड्रोक्विनोन, कोजिक एसिड जैसे तत्व पाए जाते हैं जो मेलेनिन की मात्रा को नियंत्रित कर सकते हैं
मेलेनिन वो तत्व होता है, जो जिसके कम होने से त्वचा सफेद दिखने लगती है
इसकी वजह से रंग गोरा नहीं होता, लेकिन चेहरा सफेद पड़ने लगता है
इसके अलावा बहुत सी क्रीम हाइपरपिगमेंटेशन, झाइयों और टैनिंग को कम करती हैं, जिससे भी जिस कारण चेहरा साफ दिखने लगता है
इसके साथ-साथ बहुत सी स्किन व्हाइटिंग क्रीम चेहरे को डीप क्लीन करके अंदर तक साफ करती हैं, जिस वजह से स्किन टोन लाइट हो जाती है
बस ये समझ लें कि इन क्रीमों का इस्तेमाल करके आप अस्थायी गोरापन तो पा सकते हैं, लेकिन जेनेटिक रूप से चेहरे के तय रंग को बदलना संभव नहीं है।
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