बालन के.नायर ने 'खलनायक' बन जीते दिल बालन के. नायर आज भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका बेहतरीन काम फैंस के जहन में बसा हुआ है फिल्म एक्टर बालन के. नायर की छवि आज भी मलयाली सिनेमा के दर्शकों के जहन में एक बेहतरीन खलनायक के रूप में स्थापित है मलयालम रंगमंच और सिनेमा में नायर का योगदान मौलिक था चार अप्रैल 1933 में जन्में नायर का 24 अगस्त 2000 को स्वर्गवास हो गया बालन के.नायर ने 1981 की फिल्म ओपोल में गोविंदन के किरदार से खूब तारीफें बटोरीं ओपोल फिल्म के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड भी मिला था सीटिए