अमर उजाला
Tue, 9 August 2022
स्वतंत्रता दिवस नजदीक आ रहा है, इस दिन पूरा देश आजादी के पर्व में डूबा रहता है
लेकिन इसका मतलब ये भी नहीं होता है कि हम देश प्रेम का जज्बा साल में सिर्फ ऐसे मौकों पर ही दिखाएं
आजादी के सही मायने को लेकर सोनू सूद कहते है, 'जब आप किसी की मदद करने के लिए आजाद हो, आप आजाद हो किसी से मदद मांगने के लिए, असल में सही मायने में यही आजादी है
जब आप किसी की मदद करते हैं तो उससे आपको इतनी खुशी मिलती है, जितनी खुशी जिंदगी में कभी किसी काम को करने से नहीं मिली होगी
सोनू सूद कहते है, 'हम घर में बचपन से देखते आए हैं कि मेरी मां ताउम्र बच्चों को फ्री में पढ़ाती थीं। पिता जी ताउम्र लंगर खिलाते थे। लोग खुशी से खाना खाकर जाते थे, हम उस माहौल में पले बढ़े हैं
पहली नजर में ही सूरज को दिल दे बैठी थीं मौनी