अमर उजाला
Fri, 7 January 2022
मुझे लगता है हम चीजें भूल जाते हैं अगर उन्हें बताने वाला कोई ना हो...
संदेह उपयोगी है, यह विश्वास को जीवित रखता है। आखिरकार, आप अपने विश्वास की ताकत को तब तक नहीं जान सकते जब तक कि उसकी परीक्षा न हो जाए
ये शहर हमें जितना देता है...बदले में कहीं ज्यादा हम से ले लेता है...
नॉनवेज खाने पर क्यों ट्रोल हो गईं परिणीति