संतूर सम्राट ही नहीं बेहतरीन गायक भी थे पंडित शिवकुमार शर्मा पंडित शिवकुमार शर्मा का जन्म आज ही के दिन 1938,जम्मू में पंडित उमा दत्त शर्मा के घर हुआ था पंडित शिवकुमार शर्मा ने पांच की उम्र में तबला और गायन सीखना शुरू कर दिया था उनके पिता चाहते थे कि वह जम्मू या श्रीनगर आकाशवाणी में ही काम करें अपनी जिद के आगे उन्होंने घर छोड़ दिया और संतूर के साथ 500 रुपये लेकर मुंबई आ गए थे पंडित शिवकुमार शर्मा का सिनेमा जगत में भी अहम योगदान रहा है 'शिव-हरी' नाम से मशहूर शिवकुमार शर्मा और हरि प्रसाद चौरसिया की जोड़ी ने कई सुपरहिट गानों में संगीत दिया है उन्होंने 'मेरे हाथों में नौ-नौ चूड़ियां', 'वॉकिंग इन द रेन', 'जादू तेरी नजर', 'देखा एक ख्वाब' जैसे कई गानों में संगीत दिया था पंडित शिवकुमार शर्मा को 1991 में पद्मश्री और 2001 में पद्म विभूषण से नवाजा गया था 10 मई 2022 को पंडित शिवकुमार शर्मा किडनी से जुड़ी समस्याओं के चलते निधन हो गया ...