अमर उजाला
Sun, 7 April 2024
रविशंकर का जन्म उत्तर प्रदेश के वाराणसी में 7 अप्रैल 1920 को हुआ था, उन्हें बचपन से ही संगीत में रुचि थी
18 साल की उम्र में उन्होंने सितार सीखना शुरू किया और इसके लिए मैहर के उस्ताद अलाउद्दीन खान से दीक्षा ली
वे दुनिया में कहीं भी शो करने जाते तो प्लेन में उनके लिए दो सीटें बुक की जाती थीं, एक सीट पंडित रविशंकर के लिए और दूसरी उनके सितार सुरशंकर के लिए
विश्व संगीत का गॉडफादर कहलाने वाले पंडित रवि शंकर ने पूरी जिंदगी सितार के नाम कर दी थी, आखिरी वक्त में भी उन्होंने सितार को अपने से दूर नहीं होने दिया
रविशंकर ने अपना आखिरी परफॉर्म बेटी अनुष्का के साथ किया था, जो 4 दिसंबर 2012 में हुआ था
उन्हें भारत सरकार द्वारा 1999 में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, भारत रत्न से सम्मानित किया गया था
अजय से प्रियामणि तक, जानें मैदान के सितारों की फीस