सुसाइड के कारण कोटा सुर्खियों में, जनवरी से लेकर अब तक इतने छात्रों ने की आत्महत्या कोटा शहर कोचिंग शिक्षा का मदीना माना जाता है, इनमें सबसे ज्यादा संख्या बिहार और यूपी के बच्चों की होती है यहां देशभर से हर साल लाखों की संख्या में छात्र जेईई और नीट परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोटा आते हैं लेकिन कोचिंग हब के तौर पर मशहूर कोटा में छात्रों के आत्महत्या करने का सिलसिला अभी भी जारी है कोटा शहर एक बार फिर छात्रों की आत्महत्याओं के कारण सुर्खियों में है हाल ही में, आईआईटी-जेईई की तैयारी कर रहे एक छात्र का शव पंखे से लटका मिला, जोकि बिहार का रहने वाला था, ये 17वां मामला था 16वां मामला- जेईई की तैयारी कर रहे 18 वर्षीय एक छात्र की है, जिसने अपने छात्रावास की छठी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली 15वां मामला- उत्तर प्रदेश के 20 वर्षीय छात्र की है, जिसने पीजी रूम में सीलिंग फैन से लटककर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली बता दें, कि इस साल जनवरी से लेकर अब तक कोटा में आत्महत्या को लेकर 17 मामले सामने आएं है वहीं बात अगर बीते साल 2023 की करें तो कोटा भर में कोचिंग छात्रों द्वारा आत्महत्या के 26 मामले सामने आए थे .