अमर उजाला
Mon, 12 June 2023
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी जिसे जेएनयू भी कहा जाता है, का इतिहास बड़ा रोचक है।
जेनएयू की स्थापना वर्ष 1969 में तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी के कार्यकाल में एक विशेष कानून के माध्यम से हुई।
जेएनयू को UGC के अलावा UNESCO, UNICEF, फॉर्ड फाउंडेशन और रतन टाटा ट्रस्ट से फंड मिलता है।
जेएनयू का कैंपस 1000 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसमें सभी विभागों की अपनी इमारतें हैं।
ज्ञानकोष के लिए जो लाइब्रेरी है उसका कारपेट एरिया ही एक लाख वर्ग फ़ीट का है जिसकी इमारत 9 मंजिला है।
पढ़ाई के साथ-साथ रहने की व्यवस्था में यहां विद्यार्थियों के लिए 18 हॉस्टल हैं। विवाहित और कामकाजी महिलाओं के लिए भी हॉस्टल हैं।
रोचक तथ्य यह भी है कि जेएनयू सेना के उन अधिकारियों को डिग्री प्रदान करता है, जिनकी भर्ती एनडीए के माध्यम से होती है।
जेनएयू से कईं नामचीन हस्तियों ने पढ़ाई की है। इनमें विदेश मंत्री एस जयशंकर और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी शामिल हैं।
जेएनयू वो संस्थान है जहां पढ़े लोग विभिन्न देशों के प्रधानमंत्री भी बने। इनमें नेपाल के पूर्व पीएम बाबूराम भट्टाराई और लीबिया के अली जिदान शामिल हैं।
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