Z+ और Y+ तो सुना होगा, पर ये ASL सुरक्षा क्या है, जो आरएसएस प्रमुख को दी गई है? दरअसल हाल ही में आरएसएल प्रमुख मोहन भागवत की सुरक्षा को बढ़ाने का फैसला लिया गया है इससे पहले मोहन भागवत को Z+ सिक्योरिटी दी गई थी, लेकिन अब इसे अपडेट करके आरएसएल कर दिया गया है एएसएल को हम सबसे हाई लेवल की सुरक्षा कह सकते हैं एएसएल की सुरक्षा केवल उन्ही वीआईपी लोगों को मिलती है, जिनको लेकर किसी बड़े खतरे का अनुमान हो इसके अंतर्गत राज्य पुलिस, केंद्रीय सुरक्षा बल, खुफिया एजेंसियां और अन्य सुरक्षा से संबंधित विभाग सभी एक साथ काम कर रहे होते हैं इस प्रोटोकॉल में आधुनिक तकनीक और उपकरणों का इस्तेमाव किया जाता है, जैसे- कैमरे, मेटल डिटेक्टर्स और एक्स-रे मशीनें आदि Z+ की बात करें तो, इसमें 55-58 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं, जिसमें 10-12 एनएसजी के कमांडो भी शामिल होते हैं वहीं Y+ सुरक्षा में करीब 11-12 सुरक्षाकर्मी होते हैं, जिनमें एनएसजी के कमांडो की संख्या 2 से 4 होती है .