अमर उजाला
Tue, 10 January 2023
दुनियाभर में विभिन्न कामों में इस्तेमाल होने वाले गैस सिलेंडर अलग-अलग रंग में होते हैं। इनके के लिए गैस कलर कोड इस्तेमाल किए जाते हैं।
ताकि आपात स्थिति में विशेषज्ञ सिलेंडर का कलर कोड पूछकर ही आग या लीक से बचने को लेकर तुरंत फैसला कर सकें।
घर में काम लिए जाने वाले एलपीजी सिलेंडर लाल रंग के होते हैं। लाल रंग को खतरे के निशान के तौर पर देखा जाता है ताकि इसका उपयोग करते समय सावधानी रखी जाए।
वहीं, सफेद रंग का लंबा सिलेंडर ऑक्सीजन गैस का होता है। आमतौर पर इसे अस्पतालों में काम में लिया जाता है। हालांकि, अमेरिका में ऑक्सीजन हरे रंग के सिलेंडर में होती है।
अगर कहीं काले रंग के गैस सिलेंडर दिखाई दे तो आप समझ लें कि वह नाइट्रोजन गैस का सिलेंडर है।
वहीं, ग्रे कलर के सिलेंडर में कार्बन डाई ऑक्साइड गैस भरी जाती है।
जबकि ब्राउन यानी भूरे रंग के सिलेंडर में हीलियम गैस रहती है।
वहीं, आसमानी नीले रंग के सिलेंडर को नाइट्रस ऑक्साइड गैस के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
इतना ही नहीं भारत में गहरे नीले रंग में एलपीजी गैस के कॉमर्शियल सिलेंडर भी मिलते हैं। ये दुकानों और होटलों में इस्तेमाल होते हैं।
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