भारत की बुलबुल जो बनीं देश की पहली महिला राज्यपाल

अमर उजाला

Thu, 2 March 2023

Image Credit : Social Media

सरोजिनी नायडू का जन्म 13 फरवरी, 1879 को भारत के हैदराबाद में हुआ था। दो मार्च, 1949 को उत्तर प्रदेश में ही उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली।

Image Credit : Social Media

सरोजनी नायडू देश की पहली महिला राज्यपाल थीं। यही नहीं वे पहली भारतीय महिला थीं, जो इंडियन नेशनल कांग्रेस की अध्यक्ष (1925-28) बनीं।

Image Credit : Social Media
सरोजिनी को भारतीय कोकिला (द नाइटिंगेल ऑफ इंडिया) कहा जाता है। के पिता अघोरनाथ चट्टोपाध्याय एक विद्वान तथा मां वरद सुंदरी कवयित्री और बांग्ला लेखिका थीं।
Image Credit : Social Media

सरोजिनी नायडू को बच्चों से खूब लगाव था। उनके लिए वे अंग्रेजी व उर्दू में कविताएं लिखा करती थीं। उनकी हर कविता में बच्चों की तरह ही चुलबुलापन होता था।

Image Credit : Social Media

सरोजिनी ने आजादी के लिए कड़ा संघर्ष किया। वे 1920 में असहयोग आंदोलन, 1930 में नमक सत्याग्रह, 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय रहीं।

Image Credit : Social Media

वे कई बार गिरफ्तार भी हुईं। 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान गांधीजी के साथ 21 महीने के लिए जेल भी गईं।

Image Credit : Social Media

वे 1931 में गोलमेज सम्मेलन के दूसरे सत्र में गांधीजी के साथ लंदन भी गईं। भारत की आजादी के बाद उन्हें उत्तर प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया।

Image Credit : Social Media

भारत में राज्यपाल का पद संभालने वाली पहली महिला का रिकॉर्ड उनके नाम है। दो मार्च, 1949 को उत्तर प्रदेश में ही उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली थी।

Image Credit : Social Media
भारत सरकार ने स्वतंत्रता आंदोलन में सरोजिनी नायडू के योगदान स्मरण करते हुए उनके सम्मान में डाक टिकट भी जारी किया था। 
Image Credit : Social Media

क्यों भिड़ीं IPS डी रूपा और IAS रोहिणी सिंधुरी?

अमर उजाला ग्राफिक्स
Read Now