अमर उजाला
Fri, 30 June 2023
कविता के ये शुरुआती अंश मूलतः बिहार की संप्रीति यादव के संदर्भ में एकदम सटीक बैठते हैं।
संप्रीति के जीवन में एक समय ऐसा था जब 50 इंटरव्यू देने के बाद भी उन्हें रिजेक्शन हाथ लगा था।
संप्रीति ने दिल्ली से ही 12वीं और डीटीयू से बीटेक किया है।
उनके पिता रमाशंकर यादव बैंक अधिकारी हैं और मां शशि प्रभा योजना एवं विकास विभाग में सहायक निदेशक हैं।
संप्रीति ने अपने जीवन में इतनी विफलता हाथ लगने के बावजूद मेहनत और आत्मविश्वास को अटूट रखा।
गूगल में नौकरी लगने से पूर्व संप्रीति माइक्रोसॉफ्ट में 44 लाख रुपये के सालाना पैकेज पर काम कर रही थीं।
संप्रीति ने वर्ष 2022 में Google में 1.10 करोड़ रुपये की नौकरी हासिल कर अपनी विफलताओं पर फतह पाई।
इन बदलावों से जिंदगी में मिलेगी सफलता