सद्गुरु ने दिया छात्रों को ओवरथिंकिंग से बचने का मंत्र, कहा- 'ऐसी कोई चीज नहीं' परीक्षा पे चर्चा के पांचवें एपिसोड में विचार और सोचने की प्रक्रिया पर बातचीत के दौरान सद्गुरु ने छात्रों को ओवरथिंकिंग के बारे में समझाया उन्होंने कहा कि ओवरथिंकिंग जैसी कोई चीज नहीं होती है। यह सिर्फ अनियंत्रित विचारों की एक श्रृंखला है सोचने का अर्थ विचारों की एक सचेत प्रक्रिया से है। अगर आपकी सोच सही प्रकार से काम कर रही है तो यह सही है सोच और विचारों पर हमारा नियंत्रण होना चाहिए। यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि हमारे दिमाग वहीं विचार आएं जो हम चाहते हैं यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि हमारे दिमाग में जो विचार आ रहे हैं, क्या हम वाकई वो सोच रहे हैं या वह खुद ही आते जा रहे हैं कहने का तात्पर्य है कि व्यक्ति का अपने विचारों पर नियंत्रण होना चाहिए दूसरो से आगे सोचने वाला व्यक्ति ही कुछ मूल्यवान हासिल कर सकता है .