ट्रेन के ड्राइवर को लोको पायलट कहते हैं। इस नौकरी को ग्रुप बी कैटेगरी में रखा गया है। भारतीय रेलवे में ट्रेन चलाने की जिम्मेदारी लोको पायलट की ही होती है।
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शैक्षणिक योग्यता?
लोको पायलट बनने के लिए आपको के किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं या 12वीं परीक्षा पास करनी होती है।
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आईटीआई है जरूरी
लोको पायलट के लिए एनसीवीटी यानी नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग या एससीवीटी यानी स्टेट काउंसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग से मान्यता प्राप्त आईटीआई से संबंधित ट्रेड डिप्लोमा जरूरी है।
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इंजीनियरिंग डिप्लोमा भी
आईटीआई के अलावा उम्मीदवार एआईसीटीई यानी अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा संस्थान से मान्यता प्राप्त इंस्टीट्यूट से डिप्लोमा भी कर सकते हैं।
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पात्रता मानदंड
लोको पायलट बनने के लिए उम्मीदवारों को भारतीय नागरिक होना जरूरी है। सामान्य व अनारक्षित वर्ग के उम्मीदवारों की उम्र 18 से 30 साल के बीच होनी चाहिए।
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आवेदन कब करें?
लोको पायलट बनने के लिए उम्मीदवारों को रेलवे की ओर से भर्ती निकाले जाने पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
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लिखित परीक्षा
उम्मीदवारों को लोको पायलट बनने के लिए लिखित परीक्षा क्वालिफाई करनी होती है।
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इंटरव्यू और मेडिकल टेस्ट
इसके बाद लोको पायलट बनने के लिए उम्मीदवारों को इंटरव्यू यानी साक्षात्कार के दौर से गुजरना होता है। शॉर्ट लिस्ट उम्मीदवारों का चिकित्सकीय परीक्षण होगा।
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ट्रेन परिचालन का प्रशिक्षण
लिखित परीक्षा, इंटरव्यू और मेडिकल टेस्ट क्लीयर करने के बाद लोको पायलट के लिए चयनित उम्मीदवारों को ट्रेन और मेट्रो रेल आदि चलाने का प्रशिक्षण दिया जाता है।