अमर उजाला
Sat, 1 July 2023
भारत स्पेस तकनीक में महाशक्ति बनने के लिए प्रयासरत है।
भारत का अपना राष्ट्रीय अंतरिक्ष संस्थान ISRO दुनिया की छठी सबसे बड़ी अंतरिक्ष एजेंसी है।
इसका काम भारत के लिये अंतरिक्ष संबंधी तकनीक उपलब्ध करवाना है।
यही ISRO एक बार फिर चंद्रयान लॉन्च करने जा रहा है।
पूर्व में वर्ष 2008 और 2019 में चंद्रयान I और II लॉन्च हुए पर दोनों ही विफल हुए थे।
अब जुलाई 2023 में एक बार फिर से भारत प्रयास करने जा रहा है।
अमेरिका, चीन और रूस के बाद ऐसा करने वाला भारत चौथा देश बनेगा। चंद्रयान 3 की कुल लागत 615 करोड़ रुपए आई है जो तीन हिस्सों में चांद पर पहुंचेगा।
13 जुलाई 2023 को श्री हरिकोटा से चंद्रयान 3 की लॉन्चिंग होनी है। 2019 में, चंद्रयान -2 पर विक्रम लैंडर लैंडिंग का प्रयास करते समय चंद्रमा की सतह पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
इसरो के अध्यक्ष एस.सोमनाथ के अनुसार चंद्रयान -3 के लिए लैंडर डिज़ाइन में बदलाव करते हुए उसे मजबूतायी प्रदान की गई है इसके साथ ही नए सेंसर भी जोड़े गए हैं।
इस बार सफलता हासिल होने पर भारत चांद की सतह से जुड़ी जानकारियां जुटाएगा।
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